Shikari Bano, Bhikhari Nahi...

support@brainsinger.com send us mail.
  • Home
  • /
  • अपनी वो अदा तो खोज निकालो

अपनी वो अदा तो खोज निकालो

संस्कार चाहे पारिवारिक हो या सामाजिक अपने साथ एक खूबसूरत उपहार देके जाती है.
तुम्हे एहसास दिलाती है, तुम्हारी असली औकात के बारेमे
इस भरी दुनिया में तुम्हारी सही कीमत। ……

अब तुम्हे अपने आप को साबित करना है….. दुनिया को जीत ना है… खुद के विचारों को सिद्ध करना है… अपनी एक अलग पहचान बनानी है, स्वयं को श्रेष्ठ प्रतिपादित करना है… बोहत अच्छा विचार है।

पर …. सिर्फ विचार है.

महल भले सपनो का बनाओ. उसमे ईंट , उसकी बुनियाद हमारे कर्मों से स्थापित होते हैं।

थोड़ा खुद से जीत्त लो , तुम्हे अपने उस तरीके का एहसास हो जायेगा , जिस तरीके के तुम NATURAL आर्टिस्ट हो… गॉड गिफ्ट , या फिर तुम्हारी WORK करनेका DESIGN .

कितने भी ज्ञान छांटो , किताबें पढ़ो, दुनिया का सारा ज्ञान भी जान जाओ,

तुम्हारे तरीके को तुम्हे खुद ही ढ़ूंढ़ निकलना पड़ेगा.

तभी तुम सम्पूर्ण आत्मविश्वास से आगे बढ़सकते हो। ..

गाडी भले ही सब के पास एक ही टाइप की हो , हर EXPERT अपने अलग तरीके से ही उसे चलाता है…और वही सही है। .

मानो तुम्हारी गर्लफ्रेंड भी है, वो किसी वजह से तुम्हारी दीवानी है , और तुम अचानक नोटिस करो की वो तुमसे बे वजह खफा होजाये। …

कैसा लगता है…

बस। .

उसी वजह , उसी अदा को ढून्ढ निकालो

आपसी प्रेम और निखार जायेगा। ..

सेक्स एक प्रवृत्ति है… प्रेम ही तो असली खेल है…

खेल लो। .. खुश रहो..

Leave Your Comment Here